चाँद पर कविता
Hindi Poetry on Love चाँद की बेरुखी
चाँद से झगड़ा हो गया वो जा बादलों में छुप गया पर मैं फिर भी निहारती रही उसे देखने को सुबह तक जागती रही मैं तन्हा.. मेरी नम आ…
चाँद से झगड़ा हो गया वो जा बादलों में छुप गया पर मैं फिर भी निहारती रही उसे देखने को सुबह तक जागती रही मैं तन्हा.. मेरी नम आ…
माँ ...मैं तुम्हारे जैसी बनने लगी हूँ .... जिन बातों को लेकर तुमसे नाराज होती थी, अब वो सब मैं करने लगीं हूँ। सुबह के अलार्म ब…
मुझे बस तुम चाहिये...... मुझे आसमां के सितारे नहीं, न चांद पर बसेरा चाहिए, हर हालात में निभाता रहे, मुझे वो तेरा संग चाहिए । …
🌸🌸🌸 तीज 🌸🌸🌸 मेरे हाथ की मेहँदी तेरे नाम की , जीवन भर महकती रहे । मेरे कलाई में हरि लाल चूडिय़ां , तेरे नाम स…
Night🌙 One thing I dislike about night is..that Its passes every time it comes , It passes when m…
~~Accept Me Or Not~~ I don't want to be so beautiful ,, My beautiful feelings makes me beautiful . Now you decide whether y…