Cup of Words : poetry blog
चाय पर कविता

चाय का ज़ायका और ज़िंदगी poetry on life

जिंदगी भी चाय की तरह है।  कुछ कम-ज्यादा हुआ तो,  स्वाद ही बदल जाता है । यूँ ही..... कभी मिठास से भरी,  तो कभी फीकी सी । कभी गाढ़…

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