चाय पर कविता चाय का ज़ायका और ज़िंदगी poetry on life जिंदगी भी चाय की तरह है। कुछ कम-ज्यादा हुआ तो, स्वाद ही बदल जाता है । यूँ ही..... कभी मिठास से भरी, तो कभी फीकी सी । कभी गाढ़… सितंबर 08, 2020