शिव शिव
cloud poem: बादलों से संदेशा, शिव जी को
Cloud Poem सुन बादल सुन क्या तुम शिव जी से मिल कर आए हो अपनें मन की बरखा को क्या वहां बरसा कर आए हो मेरा …
Cloud Poem सुन बादल सुन क्या तुम शिव जी से मिल कर आए हो अपनें मन की बरखा को क्या वहां बरसा कर आए हो मेरा …
हे शिव 🙏 अंतहीन, अनंत तू । अर्ध्य तू, संपन्न तू । तू चिर शान्त में । तू ही शंखनाद में । शून्य से अस्तित्व में । तू तपस्वी …