Cup of Words : poetry blog
poetry on relationship

Poetry on relationship पितरों को नमन

Poetry on relationship Image  by : Pixabay पितरों को नमन  आज खोज रहा हर घर पंडित , बना पकवान भोज खिलाने को , जहां कभी कोई तरस रह…

hindi poetry from mother for mother

माँ ...मैं तुम्हारे जैसी बनने लगी हूँ .... जिन बातों को लेकर तुमसे नाराज होती थी,  अब वो सब मैं करने लगीं हूँ।  सुबह के अलार्म ब…

poetry on relationship मामा (Mama)

"  मामा " कौन कहता है मौसी सिर्फ़ माँ जैसी होती है, ' मामा 'में तो दो माँ समाई हो…

Hindi Poetry on unconditional love : तीज

🌸🌸🌸 तीज 🌸🌸🌸 मेरे हाथ की मेहँदी तेरे नाम की , जीवन भर महकती रहे । मेरे कलाई में हरि लाल चूडिय़ां , तेरे नाम स…

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