हिन्दी दिवस पर कविता
हिन्दी दिवस पर कविता
हिन्दी हूँ मैं...... भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ हूँ मैं , ज्ञानियों का अभिमान हूँ मैं, हर भाव के लिए शब्द है मुझमें हर शब्द के अलग …
हिन्दी हूँ मैं...... भाषाओं में सर्वश्रेष्ठ हूँ मैं , ज्ञानियों का अभिमान हूँ मैं, हर भाव के लिए शब्द है मुझमें हर शब्द के अलग …
कारण जो भी हो ..... मुझे झुकना नहीं आया । अपनी बेबसी को , समझाना नहीं आया । बातों के बाजार में , दिखावा नहीं आया । कुछ गलत मैं …