devotional poetry माँ..अब कितनी देर लगाओगी.....best poem on women देर तो हो चुकी माँ.. अब कितनी देर लगाओगी, खोल किवाड़ सवार शेरा पर, कब तक फिर से आओगी । वस्त्र में लिपटी मानवता को चिर चिर होते… अक्टूबर 18, 2020