Cup of Words : poetry blog
Hindi poem on women empowerment

माँ..अब कितनी देर लगाओगी.....best poem on women

देर तो हो चुकी माँ.. अब कितनी देर लगाओगी,  खोल किवाड़ सवार शेरा पर,  कब तक फिर से आओगी । वस्त्र में लिपटी मानवता को चिर चिर होते…

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