Cup of Words : poetry blog
mother's day poetry

hindi poetry from mother for mother

माँ ...मैं तुम्हारे जैसी बनने लगी हूँ .... जिन बातों को लेकर तुमसे नाराज होती थी,  अब वो सब मैं करने लगीं हूँ।  सुबह के अलार्म ब…

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